OTT का full form ‘Over the top’ होता है। शुरुआत के दौर में OTT शब्द का मतलब Video streaming तक ही सीमित था पर बदलते वक्त के साथ इसका उपयोग हर उस product और services में होने लगा जहाँ internet को मौजूदा infrastructure के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। जैसे -SMS service (Whats App), Cellular service (VoLTE), Cable TV इत्यादि।

2,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए UPI पर RuPay क्रेडिट कार्ड के उपयोग के लिए कोई शुल्क नहीं: NPCI |_60.1

2,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए UPI पर RuPay क्रेडिट कार्ड के उपयोग के लिए कोई शुल्क नहीं: NPCI

2,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए UPI पर RuPay क्रेडिट कार्ड के उपयोग के लिए कोई शुल्क नहीं: NPCI |_40.1

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर रूपे क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के एक हालिया सर्कुलर में यह निर्देश दिया गया है। रूपे क्रेडिट कार्ड पिछले चार साल से परिचालन में है और सभी प्रमुख बैंक इससे जुड़े हुए हैं। चार अक्टूबर को जारी सर्कुलर में कहा गया है, ‘‘ऐप पर क्रेडिट कार्ड को जोड़ने और यूपीआई पिन बनाने की प्रक्रिया में सभी प्रकार के लेनदेन में क्रेडिट कार्ड को Transac प्लेटफॉर्म के लाभ सक्षम करने के लिए ग्राहक की सहमति जरूरी है।’’ एनपीसीआई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए ऐप की मौजूदा प्रक्रिया क्रेडिट कार्ड पर भी लागू होगी।

आप अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट कैसे बढ़ाएं?

आजकल ज्यादातर लोगों के लिए क्रेडिट कार्ड रोजमर्रा की ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा बन Transac प्लेटफॉर्म के लाभ गया है। लोगों को ये बात जाननी होगी कि क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने की एक सीमा होती है। आप ये अच्छे से जानते हैं कि आप अपने क्रेडिट कार्ड से असीमित राशि खर्च नहीं कर सकते। क्रेडिट कार्ड में एक लिमिट होती है जिससे ज्यादा आप खर्च नहीं कर सकते। यह आपकी खरीदने की क्षमता पर रोक लगा सकता है।

ऐसी कई चीजें हैं जो इस क्रेडिट कार्ड के लिमिट को निर्धारित करती हैं; यह एक कार्ड से दूसरे कार्ड में और यहां तक कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के लिए भी अलग-अलग हो सकती हैं। बैंक आपकी पेमेंट की एबिलिटी को ध्यान में रखकर आपकी लिमिट सेट करता है। वे जिन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हैं, वह है आपकी इनकम - आपकी इनकम जितनी अधिक होगी आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट भी उतनी अधिक होगी। दूसरी चीज़ जो वे देखते हैं Transac प्लेटफॉर्म के लाभ वह है आपका क्रेडिट स्कोर, जो आपके लोन रीपेमेंट के रिकॉर्ड पर निर्भर करता है। आपका क्रेडिट स्कोर जितना अधिक होगा, आपकी क्रेडिट सीमा उतनी ही ज्यादा होगी।

Digital Economy : विदेश में भी UPI का जलवा, अब इस देश ने शुरू किया डिजिटल लेनदेन के लिए यूपीआई

हमें विश्वास है कि यह पहल एनआईपीएल की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर अपनी बेमिसाल पेशकश को बढ़ाने में मददगार होगी.

हमें विश्वास है कि यह पहल एनआईपीएल की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर अपनी बेमिसाल पेशकश को बढ़ाने में मददगार होगी.

UPI In Nepal : डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए देश में शुरू यूपीआई प्रणाली की अब विदेश में भी मांग होने लगी ह . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 18, 2022, 12:22 IST

नई दिल्ली. डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) को मजबूती देने के लिए देश में शुरू यूपीआई (UPI) प्रणाली की अब विदेश में भी मांग होने लगी है. नेपाल (Nepal) पहला देश बन गया है, जिसने भारत की यूपीआई प्रणाली को अपना लिया है. इससे पड़ोसी देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल Transac प्लेटफॉर्म के लाभ पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने नेपाल में सेवाएं देने के लिए गेटवे पेमेंट्स सर्विस (GPS) और मनम इन्फोटेक के साथ हाथ मिलाया है.

जीपीएस नेपाल में अधिकृत भुगतान सिस्टम परिचालक है. मनम इन्फोटेक नेपाल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को लागू करेगी. एनपीसीआई ने एक बयान में कहा कि इस गठजोड़ से नेपाल में लोगों के लिए सुविधा बढ़ेगी और डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) को बढ़ावा मिलेगा.

OTT सर्विस के फायदे | Benefits of OTT services

  • OTT कम लागत पर उच्च quality content उपलब्ध कराता है। पारंपरिक तरीके से टेलीविजन setup करना और उसका मासिक शुल्क भरने के अपेक्षा OTT सदस्यता लेना बहुत ही सस्ता है।
  • इस platform पर बिना विज्ञापन दर्शक लगातार अपने पसंदीदा content देख सकते है।
  • जैसा हमने जाना की OTT platform पूर्णतः internet के ऊपर काम करता है। इसलिए ये सिर्फ टेलीविजन तक सीमित नहीं है। हम इसे मोबाइल , टैब्लेट , कम्प्यूटर या internet टेलीविजन पर भी देख सकते है।
  • अपनी बढ़ती ग्राहक आधार के कारण Netflix, Amazon Prime Video, HBO etc जैसे बड़े OTT service प्रदान करने वाली कंपनिया खुद का original content बनाती है जिनमे web Transac प्लेटफॉर्म के लाभ series, movies, वृत्तचित्र होते है।

OTT app के द्वारा हम contents को अलग Transac प्लेटफॉर्म के लाभ – अलग उपकरणों पर देख सकते है। दर्शक ये apps, अपने मोबाइल या टैब्लेट उपकरणों के लिए Google play store या Apple App store से download कर सकते है। Netflix, Prime Video, MX Player इत्यादि ऐसे apps के उदाहरण है।

भारत में OTT platform | OTT platforms in India

भारत में OTT के जनक होने का श्रेय Reliance Entertainment को जाता है जिसने 2008 में BIGFlix नाम से ये सेवा शुरू की थी। 2015 के उपरांत कई अंतरराष्ट्रीय ऐवं भारतीय कम्पनियों ने भारत में Transac प्लेटफॉर्म के लाभ Transac प्लेटफॉर्म के लाभ OTT की अपार संभावना को आंका और इस ओर रूख किया।

वर्तमान में भारत की कुछ बड़ी OTT सेवा प्रदान करने वाली कंपनिया है –

  • Netflix
  • Amazon Prime Video
  • Hotstar
  • Sony Liv
  • ALT Balaji
  • Voot
  • Eros Now
  • MX Player
  • Zee5

इन platforms पर विविध प्रकार के programs जैसे web series , Transac प्लेटफॉर्म के लाभ फ़िल्में, वृतचित्र , बच्चों के लिए मनोरंजक program, sports और live TV उपलब्ध होते है। इनके अलावा कई platform स्थानीय भाषाओं में भी content उपलब्ध कराते है।

भारत में OTT की लोकप्रियता के कारण | Reason for OTT popularity in India

अगर हम भारत में OTT platform की लोकप्रियता का कारण समझे तो JIO network की Internet क्रांति का इसके पीछे बहुत बड़ा हाथ मान सकते है। Data की कीमतो में हुई भारी कमी ने Netflix और Amazon जैसी OTT content उपलब्ध कराने वाली बड़ी अमेरिकी कंपनियो का ध्यान भारत की तरफ आकर्षित किया है।

ये कंपनिया मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय TV shows और फ़िल्में अपने ग्राहकों को उपलब्ध कराती है। इन कंपनियो ने ना सिर्फ अपने rate plans को भारतीय दर्शकों के अनुकूल किया अपितु स्थानीय भाषाओं में नीत नए content बना कर अपने ग्राहक आधार का विस्तार भी कर रही है।

वर्तमान के Lockdown काल में OTT की डिमांड बहुत ज्यादा हो चुकी है। COVID-19 के कारण वैसे भी लोग public gathering की जगह जैसे Cinema Hall जाने से कतरा रहे है। ऐसे में OTT platform मनोरंजन के सबसे बड़े साधन के रूप में उभर के आया है। इसलिए शायद बड़े production houses भी अपनी फिल्मों को OTT platform पर release कर रहे है।

चलते चलते – OTT प्लेटफॉर्म क्या है Hindi me

तो दोस्तों हमने देखा कि किस तरह से OTT platform ने टेलीविजन मनोरंजन को बिल्कुल बदल दिया है। खास कर युवा वर्ग इस ओर आकर्षित हुआ है। इसका कारण चाहे content की विविधता हो या फिर विभिन्न उपकरण पर content देखने की सुविधा। Transac प्लेटफॉर्म के लाभ पर एक बात तो साफ है कि पारम्परिक cable TV के बाजार पर इसका सीधा असर पड़ा है। शायद यही कारण है की आजकल के टेलीविजन भी Smart TV या Internet TV हो चुके है जो बदलत्ते वक्त की इस क्रांति स्वरूप खुद को ढाल सके।

उम्मीद है आपको ये जानकारी “OTT platform kya hai ” पसंद आयी होगी। आगे भी मैं आपलोगो के लिए ऐसी ज्ञानवर्धक और रोचक जानकारी लाने की कोशिश करता रहूँगा। आपसे निवेदन है की अगर आपको मेरा प्रयास सार्थक लगा तो इस article को सोशल media जैसे Facebook, Twitter आदि पर जरुर share करे।

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