जनवरी 2020 में टाटा संस और रतन टाटा ने NCLAT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट ने पहले इस फैसले पर रोक लगाने का आदेश जारी किया. फरवरी 2020 में मिस्त्री की तरफ से क्रॉस अपील दाखिल की गई. सितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने शापूरजी पालोनजी ग्रुप से कहा कि वह टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी को गिरवी रख कर फंड इकट्ठा इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी नहीं कर सकता है.

इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी

मुल्क में लाखों मुस्लिम लड़कियां थीं, उनसे शादी क्यों नहीं की? जब बेटी ने ही कर दी थी जिन्ना की बोलती बंद

Pele Hospitalized: महान फुटबॉलर पेले की हालत नाजुक, अस्पताल पहुंचने लगे परिजन, बेटे ने शेयर की तस्वीर

Raju Srivastava Wife: राजू श्रीवास्तव के अधूरे सपने पूरे करेंगी पत्नी शिखा, कहा- शरीर उनका गया और जिंदगी मेरी

Currency Notes: 1000 और 2000 रुपये के नोटों को लेकर RBI ने दी बड़ी जानकारी, 1 जनवरी से होगा ये बड़ा बदलाव!

Yoga for shoulder pain: कंधे के दर्द से मिलेगी राहत, बस रोजाना करें Malaika Arora के योगा ट्रेनर के टिप्स

India Richest Temple: इन भारतीय मंदिरों में हर साल आता है करोड़ों का चढ़ावा, जानें टॉप 5 में किसका नाम शामिल

Cyrus Mistry Death: सड़क हादसे इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी में साइरस मिस्त्री का निधन, जानिए रतन टाटा के साथ विवाद की पूरी कहानी

Cyrus Mistry Death: साइरस मिस्त्री की आज सड़क हादसे में मौत हो गई. वे अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे. मिस्त्री पूर्व में टाटा संस के चेयरमैन थे. रतन टाटा के साथ उनका विवाद कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे विवादित एपिसोड रहा है.

Cyrus Mistry Death: टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की आज पालघर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई. यह घटना दोपहर 3.15 बजे की है. वे कार से अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे. कार में चार लोग सवार थे, जिनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई. इनमें एक साइरस मिस्त्री थे. जानकारी के मुताबिक, डिवाइडर से टकराने के कारण यह हादसा हुआ है. वे 54 साल के थे.

2012 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे

बता दें कि साइरस मिस्त्री पूर्व में टाटा संस के इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी चेयरमैन रह चुके हैं. साल 2012 में रतन टाटा ने जब चेयरमैन पद की कमान छोड़ी थी, उसके बाद साइरस मिस्त्री को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. टाटा संस में शापूरजी पालोनजी ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी थी. इसी के आधार पर उनका चयन किया गया था. टाटा संस के बोर्ड को उन्होंने इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी साल 2006 में ज्वॉइन किया था. 24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस के बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

साइरस मिस्त्री और रतन टाटा इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी के बीच का विवाद भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट के पास 66 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि मिस्त्री फैमिली के पास 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है. दिसंबर 2012 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था. अक्टूबर 2016 में उन्हें बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.

जनवरी 2017 में एन चंद्रशेखरन को मिली कमान

जनवरी 2017 में एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था. वे उस समय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिस और मैनेजिंग डायरेक्टर थे. 6 फरवरी 2017 को उन्हें टाटा संस के डायरेक्टर पद से हटाया गया था.

यह विवाद बाद में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT के पास गया. एनसीएलटी ने टाटा संस के खिलाफ मिस्त्री की याचिका को खारिज कर दिया. बाद में यह मामला NCLAT यानी नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास गया. दिसंबर 2019 में NCLAT ने एनसीएलटी के आदेश के बदल दिया और कहा कि टाटा संस के बोर्ड से उनकी निकासी गैर कानूनी है.

उस क्षेत्र का नाम क्या है जहां "1929 का महामंदी" शुरू हुई थी?

Key Points

  • महामंदी आधुनिक विश्व इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे लंबी आर्थिक मंदी थी।
    • यह 1929 के अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी के साथ शुरू हुआ और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1946 तक समाप्त नहीं हुआ।
    • इसकी शुरुआत उत्तरी अमेरिका में हुई थी।

    Important Points

    • 1920 इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी के दशक में अमेरिकी जनता ने सट्टा बाजार में निवेश करने का उन्माद शुरू किया।
      • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाए गए व्यापार मार्ग खुले रहे और बाजार को ठीक होने में मदद मिली।
      • 1929 की बाजार दुर्घटना ने व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए समान रूप से नाममात्र की संपत्ति का सफाया कर दिया।
      • संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति हूवर और रूजवेल्ट दोनों ने सरकारी नीतियों के माध्यम से अवसाद के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया।
      • न तो सरकारी नीतियों और न ही द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत को अकेले ही अवसाद को समाप्त करने का श्रेय दिया जा सकता है।

      Cyrus Mistry Death: सड़क हादसे में साइरस मिस्त्री का निधन, जानिए रतन टाटा के साथ विवाद की पूरी कहानी

      Cyrus Mistry Death: साइरस मिस्त्री की आज सड़क हादसे में मौत हो गई. वे अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे. मिस्त्री पूर्व में टाटा संस के चेयरमैन थे. रतन टाटा के साथ उनका विवाद कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे विवादित एपिसोड रहा है.

      Cyrus Mistry Death: टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की आज पालघर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई. यह घटना दोपहर 3.15 बजे की है. वे कार से अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे. कार में चार लोग सवार थे, जिनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई. इनमें एक साइरस मिस्त्री थे. जानकारी के मुताबिक, डिवाइडर से टकराने के कारण यह हादसा हुआ है. वे 54 साल के थे.

      2012 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे

      बता दें कि साइरस मिस्त्री पूर्व में टाटा संस के चेयरमैन रह चुके हैं. साल 2012 में रतन टाटा ने जब चेयरमैन पद की कमान छोड़ी थी, उसके बाद साइरस मिस्त्री को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. टाटा संस में शापूरजी पालोनजी ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी थी. इसी के आधार पर उनका चयन किया गया था. टाटा संस के बोर्ड को उन्होंने साल 2006 में ज्वॉइन किया था. 24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस के बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था.

      साइरस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच का विवाद भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट के पास 66 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि मिस्त्री फैमिली के पास 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है. दिसंबर 2012 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था. अक्टूबर 2016 में उन्हें बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था.

      जनवरी 2017 में एन चंद्रशेखरन को मिली कमान

      जनवरी 2017 में एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था. वे उस समय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी और मैनेजिंग डायरेक्टर थे. 6 फरवरी 2017 को उन्हें टाटा संस के डायरेक्टर पद से हटाया गया था.

      यह विवाद बाद में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT के पास गया. एनसीएलटी ने टाटा संस के खिलाफ मिस्त्री की याचिका को खारिज कर दिया. बाद में यह मामला NCLAT यानी नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास गया. दिसंबर 2019 में NCLAT ने एनसीएलटी के आदेश के बदल दिया और कहा कि टाटा संस के बोर्ड से उनकी निकासी गैर कानूनी है.

      सबसे बड़ा रेल हादसा, पुल तोड़कर नदी में जा गिरी थी ट्रेन, तड़प-तड़प कर मर गए थे 800 से भी ज्यादा यात्री

      सबसे बड़ा रेल हादसा, पुल तोड़कर नदी में जा गिरी थी ट्रेन, तड़प-तड़प कर मर गए थे 800 से भी ज्यादा यात्री

      भारत (India) में होने वाले रेल हादसों (Rail Accidents) में हर साल सैकड़ों लोगों की जानें जाती हैं. हालांकि, इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी बीते कुछ सालों से रेल हादसों पर जबरदस्त लगाम लगी है और ऐसे हादसों में मारे जाने वालों का आंकड़ा भी काफी कम हुआ है. देश में होने वाले रेल हादसों की कई वजहें होती हैं. इन हादसों में तकनीकी खराबी, मानवीय भूल, लापरवाही, खराब मौसम आदि शामिल हैं. सरकारी आंकड़ों (Government इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बाजार दुर्घटना क्या थी Data) के मुताबिक साल 2019 में रेल हादसों के लिहाज से काफी सुरक्षित रहा. भारतीय रेलवे के इतिहास में 166 साल बाद ऐसा हुआ, जब रेल दुर्घटना में एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई. लेकिन, देश में एक ऐसा रेल हादसा भी हुआ था जिसे भूल पाना नामुमकिन है. इस रेल हादसे ने सिर्फ देश को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था.

रेटिंग: 4.91
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 596