धड़ाधड़ बैन हो रहे हैं WhatsApp अकाउंट, बचना चाहते हैं तो कभी न करें ये काम

नई दिल्ली. इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने नवंबर के महीने में 37 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट बैन किए. इन वॉट्सऐप अकाउंट को सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 (IT Rules) के तहत बैन किया गया है. वैसे यह पहला मौका नहीं है जब वॉट्सऐप ने इस तरह की कार्रवाई की है. इससे पहले अक्टूबर में भी कंपनी ने 23.24 लाख भारतीय अकाउंट को बैन किया था. इसके अलावा कंपनी ने सितंबर में 26.85 लाख और अगस्त में 23.28 लाख अकाउंट को बैन किया था.

दरअसल, सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत वॉट्सऐप हर महीने अपने प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध अकाउंट्स को बैन करती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वॉट्सऐप किस आधार पर अपने यूजर्स के अकाउंट को बैन करती है और अपने अकाउंट को बैन होने से बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं?

वॉट्सऐप अकाउंट पर क्यों लगाता है बैन?

वॉट्सऐप उन अकाउंट पर बैन लगाती है जो कंपनी की नीतियों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं. कंपनी के मुताबिक अगर कोई शख्स अपने अकांउट से गैर-कानूनी, अश्लील, मानहानि, धमकाने, डराने या परेशान करने, नफरत फैलाने या फिर किसी को उकसाने वाला कंटेंट को शेयर करता है, तो उसका अकाउंट बैन कर दिया जाता है.

अकाउंट बैन होने से कैसे बचांए?

अगर आप अपना अकाउंट बैन होने से बचाने चाहते हैं, तो कंपनी की नीतियों और दिशानिर्देशों का पालन करें. अगर आपके द्वारा भेजा गया कोई भी मैसेज इन नीतियों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है, तो वॉट्सऐप आपका अकाउंट बैन कर सकती है.

बिना समझे मैसेज फारवर्ड करने से बचें

वॉट्सऐप ने एक मैसेज को फारवर्ड करने की सीमा भी निर्धारित की है. अगर आप किसी मैसेज की सच्चाई को लेकर आश्वस्त नहीं हैं या किसी मैसेज के सोर्स के बारे में आपको जानकारी नहीं है, तो उसे आगे फारवर्ड न करें. दरअसल, फर्जी मैसेज फारवर्ड करने पर वॉट्सऐप आपके अकाउंट को ब्लॉक कर सकती है.

वाट्सऐप की शर्तों का उल्लंघन न करें

गलत, गैर-कानूनी, अभद्र, डरावने या किसी को परेशान करने वाले मैसेज न भेजें. इस तरह के मैसेज वाट्सऐप की सेवा शर्तों का उल्लंघन करते हैं. इस तरह के मैसेज भेजने पर यूजर्स आपके अकाउंट को रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे आपका वॉट्सऐप अकाउंट बैन हो सकता है.

ग्रुप में किसी को ऐड करने से पहले लें परमिशन

अगर आप किसी को ग्रुप में शामिल करना चाहते हैं, तो पहले उस यूजर्स की परमिशन लें. अगर ग्रुप में शामिल करने पर कोई खुद को रिमूव करता है, तो उसके फैसले का सम्मान करें. किसी को अगर आपके मैसेज से समस्या हो रही है, तो उसे अपने एड्रेस बुक से हटा दें और उसे दोबारा मैसेज न करें.

ब्रॉडकास्ट लिस्ट के अधिक इस्तेमाल न करें.

ब्रॉडकास्ट मैसेज का अधिक इस्तेमाल करने से बचें. दरअसल, ब्रॉडकास्ट मैसेज करने

लोग आपके मैसेज को रिपोर्ट करने लगते हैं. ऐसे में बार-बार रिपोर्ट किए जाने से वॉट्सऐप आपका अकाउंट बैन कर सकती है.

एलन मस्क ने अपने ही पैर पर मार ली कुल्हाड़ी? अब छोड़ना पड़ेगा ट्विटर का CEO पद!

ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने ट्विटर पर एक पोल कराय था। इस पोल से यह बात सामने आई है कि पोल में हिस्सा लेने वालों में से 57 फीसदी लोग चाहते हैं कि एलन मस्क माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म (ट्विटर) के सीईओ के पद से हट जाएं।

फोटोः सोशल मीडिया

नवजीवन प्लेटफॉर्म द्वारा किस समय आधार का उपयोग किया जाता है डेस्क

ट्विट को खरीदने के बाद इसके नए मालिक एलन मस्क अपने नए-नए बयानों और फैसलों को लेकर हर दिन सुर्खियों में रहते हैं। इस बार मस्क ट्विटर पर कराए गए एक पोल लेकर चर्चा में हैं। इस पोल के नतीजे के बाद एलन मस्क खुद ही फंस गए हैं। अब उनसे सवाल यह पूछा जा रहा है प्लेटफॉर्म द्वारा किस समय आधार का उपयोग किया जाता है कि वह ट्विटर का सीईओ पद कब छोड़ेंगे?

दरअसल ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने ट्विटर पर एक पोल कराय था। इस पोल से यह बात सामने आई है कि पोल में हिस्सा लेने वालों में से 57 फीसदी लोग चाहते हैं कि एलन मस्क माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म (ट्विटर) के सीईओ के पद से हट जाएं। वर्तमान में टेस्ला के स्टॉक में गिरावट के बीच पत्रकारों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने को लेकर वह बेशुमार मुद्दों का सामना करना कर रहे हैं। केवल 43 फीसदी फॉलोअर्स मस्क को ट्विटर के सीईओ के रूप में देखना चाहते हैं। एलन मस्क ने एक पोल शुरू किया था, जिसमें यूजर्स से पूछा गया था कि क्या मुझे ट्विटर के प्रमुख के रूप में पद छोड़ना चाहिए? मैं इस पोल के परिणामों का पालन करूंगा। इसी पोल का नतीजा आया है। ऐसे में अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या खुद के द्वारा किए गए वादे पर एलन मस्क खरा उतरेंगे और क्या ट्विटर के सीईओ पद को छोड़ देंगे?

एक यूजर ने कमेंट किया कि हां, उन्होंने पहले ही नए सीईओ का चयन कर लिया है। एलन मस्क बोर्ड के अध्यक्ष और ट्विटर के रूप में सेवानिवृत्त होंगे। इस पर मस्क ने जवाब दिया, वह कोई भी नौकरी नहीं चाहते जो वास्तव में ट्विटर को जीवित रख सके। कोई उत्तराधिकारी नहीं है। पिछले महीने मस्क ने कहा था कि वह किसी भी कंपनी के सीईओ नहीं बनना चाहते, चाहे वह टेस्ला हो या ट्विटर हो।

रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क ट्विटर के लिए मूल 54.20 डॉलर प्रति शेयर मूल्य पर अधिक निवेशक हासिल करने का भी टारगेट बना रहे हैं, जिस पर उन्होंने 44 बिलियन डॉलर में कंपनी का अधिग्रहण किया है। नवंबर 2021 से मस्क ने टेस्ला के 39 बिलियन डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं।

शेयर की बिक्री ऐसे समय में हुई है जब टेस्ला के निवेशकों ने मस्क के 44 बिलियन डॉलर के ट्विटर अधिग्रहण पर चिंता जताई, जिसमें कहा गया है कि माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के साथ उनकी 24 गुणा 7 भागीदारी टेस्ला के लिए हानिकारक है। इस साल जनवरी से टेस्ला के शेयर में करीब 60 फीसदी की गिरावट आई है।

उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार, ताजा स्टॉक बिक्री मस्क के कुछ उच्च ब्याज ऋण का जवाब है जो वह अपने 44 बिलियन डॉलर के ट्विटर सौदे पर चुका रहे हैं। मस्क, जिन्होंने 2022 में अपनी नेटवर्थ में 100 बिलियन डॉलर से अधिक की गिरावट देखी है। उन्हें दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में लग्जरी ब्रांड लुई वीटॉन की मूल कंपनी एलवीएमएच के मुख्य कार्यकारी बर्नार्ड अरनॉल्ट द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।

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चीन-पाकिस्तान की अब खैर नहीं, 84 हजार करोड़ का हथियार खरीदेगा भारत; मिली मंजूरी

चीन-पाकिस्तान की अब खैर नहीं, 84 हजार करोड़ का हथियार खरीदेगा भारत; मिली मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में अब तक के सबसे बड़े 84 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को एकमुश्त मंजूरी दी। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इनमें से 82 हजार करोड़ रुपये की खरीद देश में ही की जाएगी। रक्षा मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी दी गई।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गुरुवार को रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीनों सेनाओं को भावी युद्ध संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें से छह थल सेना, छह वायुसेना तथा 10 नौसेना के हैं। भारतीय तटरक्षक बल के लिए भी दो सौदों को मंजूरी प्रदान की गई। इन सभी रक्षा सौदों का मूल्य 84,328 करोड़ रुपये है। इनमें से 82127 करोड़ की खरीद देश में निर्मित होगी। यानी कुल खरीद का 97.4 फीसदी सामान देश में ही तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ देश की सेनाएं मजबूत होंगी बल्कि भारतीय रक्षा उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

जिन महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) दी गई, वह भारतीय सेना को भविष्य के इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स, लाइट टैंक्स और माउंटेड गन सिस्टम जैसे प्लेटफार्म और उपकरणों से लैस करेगी। इससे भारतीय सेना की संचालनात्मक तैयारियों में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। अनुमोदित प्रस्तावों में हमारे सैनिकों के लिए बढ़े हुए सुरक्षा स्तर के साथ बैलिस्टिक हेलमेट की खरीद भी शामिल है।

बयान के अनुसार, नौसेना पोत-रोधी मिसाइल, बहुउद्देश्यीय जलयान और हाई इन्डूरेंस ऑटोनोम्स व्हीक्लस की खरीद के लिए अनुमोदन किया गया है जो भारतीय नौसेना की क्षमताओं को बढ़ावा देते हुए देश की समुद्री ताकत को और बढ़ाएगा। दूसरी तरफ भारतीय वायु सेना को मिसाइल प्रणाली की नई रेंज, लंबी दूरी के गाइडेड बम, पारंपरिक बमों के लिए रेंज ऑग्मेंटेशन किट और उन्नत निगरानी प्रणालियों को शामिल करके बढ़ी हुई घातक क्षमताओं के साथ और मजबूत किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय तटरक्षक बल के लिए अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों की खरीद से तटीय क्षेत्रों में निगरानी क्षमता नई ऊंचाइयों तक बढ़ेगी।

लखनऊ में मल्टी-स्पेशलिटी कमांड अस्पताल बनेगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के लिए लखनऊ में एक आधुनिक मल्टी-स्पेशलिटी कमांड अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी। कमांड अस्पताल एक ग्रीन फील्ड बहुमंजिला अस्पताल होगा, जिसमें 780 बेड की सुविधा होगी। संकट के समय 100 बेड बढ़ाए भी जा सकेंगे।

मौजूदा कमांड अस्पताल लखनऊ सशस्त्र बलों के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक है जो 22 सैन्य अस्पतालों, दो वायु सेना अस्पतालों और 109 पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) पॉलीक्लिनिकों के लिए एक तृतीयक देखभाल रेफरल अस्पताल है। यह मध्य भारत के साथ-साथ नेपाल के छह राज्यों के 3.5 लाख से अधिक कर्मियों को सेवा प्रदान करता है। अस्पताल में नियमित आधार पर लगभग 2,000 ओपीडी रोगी और 40-50 आपात स्थिति में आते हैं। अस्पताल में हमेशा 80 फीसदी से अधिक बेड मरीजों से भरे होते हैं।

मौजूदा अस्पताल में मरीजों के भार को ध्यान में रखते हुए रक्षा मंत्री ने 496.94 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के लिए एक विशेष परियोजना को मंजूरी दी। मध्य भारत में आधुनिक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण से सशस्त्र बलों को सहायता मिलेगी।

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Pakistan: पंजाब प्रांत के CM Pervaiz Elahi बर्खास्त, Imran Khan का सत्तापक्ष से टकराव बढ़ा

पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री इलाही को बर्खास्त करने की अधिसूचना जारी

लाहौर (पाकिस्तान), 23 दिसंबर । पाकिस्तान का पंजाब प्रांत गंभीर संवैधानिक संकट में घिर गया है। गवर्नर बालीगुर रहमान ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही और उनके मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की अधिसूचना जारी की है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएलएन) से ताल्लुक रखने वाले गवर्नर ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के इमरान खान को पंजाब विधानसभा को भंग करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की है।

पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री इलाही को बर्खास्त करने की अधिसूचना जारी

पूर्व प्रधानमंत्री खान ने अपनी पार्टी के शासन वाले प्रांतों पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की विधानसभाओं को भंग करने की घोषणा की थी ताकि पाकिस्तान मुस्लिम प्लेटफॉर्म द्वारा किस समय आधार का उपयोग किया जाता है लीग (एन) (पीएमएलएन) के नेतृत्व वाले संघीय गठबंधन को मध्यावधि चुनाव कराने के लिए मजबूर किया जा सके।

गवर्नर ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा-‘चूंकि मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही ने तय दिन और समय (पिछले बुधवार) पर विश्वास मत कराने से परहेज किया है, इसलिए वह पद पर तत्काल प्रभाव से बने नहीं रह सकते हैं। हालांकि वह पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में तब तक काम करना जारी रख सकते हैं जब तक कि उनका उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं हो जाता।’

पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री इलाही को बर्खास्त करने की अधिसूचना जारी

पीटीआई के सहयोगी पाकिस्तान मुस्लिम लीग कायद (पीएमएलक्यू) से ताल्लुक रखने वाले इलाही ने कहा कि वह गवर्नर के ‘अवैध आदेश’ के खिलाफ अदालत का रुख करेंगे। पीटीआई नेता और पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी प्लेटफॉर्म द्वारा किस समय आधार का उपयोग किया जाता है ने कहा है कि गवर्नर को उनके ‘कदाचार’ की कीमत चुकानी होगी। फवाद चौधरी ने ट्वीट किया-‘मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को गैर-अधिसूचित करने वाले गवर्नर के आदेश का कोई कानूनी आधार नहीं है। मुख्यमंत्री परवेज इलाही और उनका मंत्रिमंडल काम करना जारी रखेगा और गवर्नर को पद से हटाने के संदर्भ में राष्ट्रपति को पत्र भेजा जा रहा है।’

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