अर्थात अगर आप रोजाना 300 रुपये की बचत करके इस म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। ऐसे में आप 30 सालों के बाद कुल 6.3 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा कर सकते हैं।

Stock Market Investment: what is stop loss order

Systematic Investment Plan क्या है, कैसे ऑनलाइन स्टार्ट कर सकते है एसआईपी और क्या हैं इसके फायदे

एसआईपी या सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे पॉपुलर तरीका हो गया है। इसके नाम से ही पता चलता है कि इसके तहत आप अपनी पसंद के म्युचुअल फंड में अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग किश्तों में एक निश्चित धनराशि जमा कर सकते हैं।

एसआईपी या सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान ऐसे लोगों के लिए बेहतर होता है जो लोग शेयर बाजार में सीधे या एकमुश्त निवेश नहीं करना चाहते। आइए हम यहां जानते है कि कैसे ऑनलाइन एसआईपी लिया जा सकता है और इसकी दूसरी अहम बातें क्या हैं।

बता दें बाजार में ऐसी बहुत सी एसआईपी स्कीम है जिनमें निवेशक 500 रुपये से अपना निवेश शुरु कर सकते हैं।

ऐसे करें शुरु करें ऑनलाइन एसआईपी

एसआईपी शुरु करने के लिए आपको पैनकॉर्ड, एड्रेसप्रूफ, पासपोर्ट आकार के फोटोग्रॉफ और चेकबुक की जरुरत होती है। बता दें कि म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए KYC की प्रक्रिया अनिवार्य होती है। ऑनलाइन एसआईपी शुरु करने के लिए आप किसी फंड हाउस के वेबसाइड पर जाकर अपने पसंद की एसपीआई चुन सकते हैं। इसके लिए पहले आपके KYC के नियम पूरे करने होते हैं।

SBI Mutual Fund: SBI की इस स्कीम में 300 रुपये के निवेश पर मिल सकते हैं 6.3 करोड़, जानें क्या है स्कीम

SBI Mutual Fund

SBI Mutual Fund: अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए किसी अच्छे निवेश के विकल्प की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको एसबीआई की एक खास म्यूचुअल फंड स्कीम में के बारे में बताने जा रहे हैं। एसबीआई की इस म्युचुअल फंड स्कीम का नाम SBI Technology Opportunities Direct Growth Mutual Fund है। इस स्कीम में आप निवेश करके मैच्योरिटी के समय 6.3 करोड़ रुपये तक का फंड इकट्ठा कर सकते हैं। देश में कई लोग एसबीआई की इस म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर रहे हैं। एसबीआई की इस म्यूचुअल फंड स्कीम ने बीते तीन सालों में सालाना 29.26 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं बात अगर पिछले 5 सालों की करें, तो इसका सालाना रिटर्न 27.27 प्रतिशत रहा है। ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए ये स्कीम आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

SIP में निवेश का क्या है तरीका और क्या हैं इसके फायदे?

SIP का सबसे पहला फायदा तो यह है कि इस प्लान में इन्वेस्ट करने के लिए आपको किसी बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती और आप थोड़े पैसों में भी अपना निवेश शुरू कर सकते हैं। अब अगर निवेश की रकम कम है तो रिस्क भी कम होगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शेयर मार्केट में निवेश के कई तरीकों में से एक है SIP जो आज के समय में अधिकतर निवेशकों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। SIP यानी कि Systematic Investment Plan इन्वेस्टमेंट प्लान्स क्या है? स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने का एक चर्चित तरीका है जिसे ज़्यादातर लोग Mutual Funds में निवेश करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। SIP में निवेशक एक ही बार में सारे पैसे निवेश नहीं करता, बल्कि निवेश के एक सिस्टमेटिक तरीके को फॉलो करते हुए एक निश्चित समयांतराल पर एक निश्चित अमाउंट निवेश करता है। यह निवेश का एक सुरक्षित और चर्चित तरीका है जिसके जरिये निवेशक अच्छा लाभ कमाते हैं।

SIP में इन्वेस्ट करने के फायदे

SIP का सबसे पहला फायदा तो यह है कि इस प्लान में इन्वेस्ट करने के लिए आपको किसी बड़ी रकम की ज़रुरत नहीं होती और आप थोड़े पैसों में भी अपना निवेश शुरू कर सकते हैं। जैसे कि अगर आप SIP के जरिये हर महीने सिर्फ 1000 रुपये भी इन्वेस्ट करते हैं तो वो 10 साल में ये पैसे आपको अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। ऐसा रिटर्न कम्पाउंडिंग की वजह से होता है।

अब अगर निवेश की रकम कम है तो रिस्क भी कम होगा, जो कि है SIP का दूसरा फायदा। इसके अलावा SIP में आपको इन्वेस्टिंग प्रोसेस में आसानी दिखेगी क्योंकि इसमें आपको सिर्फ एक बार प्लान चुनना होता है उसके बाद आपके अपने बैंक इन्वेस्टमेंट प्लान्स क्या है? अकाउंट से खुद निश्चित समय पर पैसे इस प्लान में जमा होते रहते हैं। इसका एक और बड़ा फायदा ये है कि SIP में इन्वेस्ट कर के आप Income Tax Act के Section 80C के तहत अपने taxes में भी रियायत पा सकते हैं।

SIP Calculator: हर महीने जमा करें 1000 रुपए, घर बैठे मिलेंगे 2 करोड से ज्यादा

छोटी छोटी बचत कर बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आप हर महीने 1000 रुपए म्यूचुअल फंड में सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) में निवेश करते है तो करोड़पति बन सकते हैं। पिछले दो दशक में म्यूचुअल फंड शानदार रिटर्न दे रहा है। कुछ फंड्स 20 फीसदी तक रिटर्न दे रहे है।

SIP Calculator

SIP Calculator: हर इंसान को भविष्य के लिए बचत करनी चाहिए। कुछ लोग छोटी बचत करते है तो कुछेक मोटा रिटर्न चाहते है। इसलिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में हर महीने जमा करते है। अगर आप भी कम निवेश पर ज्यादा रिटर्न चाहते है तो म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बीते कुछ सालों से म्‍यूचुअल फंड काफी पसंद आ रहा है। क्योंकि निवेशकों का निवेश किया हुआ पैसा अच्‍छा बेनिफ‍िट दे रहा है। आप हर महीने 1000 रुपए जमाकर 2 करोड़ से भी ज्यादा रिटर्न पा सकते है। हालांकि इसमें समय ज्यादा देना होता है। आइए जाते है म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी में कितना ब्याज मिलता है और कितने समय के लिए जमा करवाना होगा।

SIP बीमा कैसे काम करता है?

बीमा से जुड़े फंड के तहत, म्यूचुअल फंड बिना किसी अतिरिक्त लागत के निवेशकों को समूह अवधि बीमा कवर प्रदान करते हैं। जीवन बीमा कवरेज एसआईपी की राशि (मुद्रा) से जुड़ा होता है और तब तक जारी रहता है जब तक निवेशक यहां अपना निवेश नहीं रखता।

वहीं बता दें कि क्लियर के फाउंडर और सीईओ अर्चित गुप्ता के अनुसार, निवेशक को एसआईपी कार्यकाल के अंदर मृत्यु होने पर मासिक एसआईपी के जरिये 20 से 120 गुना तक मृत्यु दर (मृत्यु लाभ) मिलता है।

उदाहरण के तौर पर, एएमसी पहले वर्ष में मासिक एसआईपी का 20 गुना, दूसरे वर्ष में मासिक एसआईपी का 75 गुना और तीसरे वर्ष में मासिक एसआईपी का 120 गुना अधिकतम 50 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान करता है। कई एएमसी मुफ्त जीवन बीमा की पेशकश तभी करते हैं जब निवेशक यानि इन्वेस्टर 36 महीने के टेन्योर के साथ एसआईपी का विकल्प चुनते हैं, ”

इस समय कौन से फंड हाउस इसे उपलब्ध करा रहे हैं?

निवेश डॉट कॉम के सीईओ और सह-संस्थापक (Co-Founder) अनुराग गर्ग के अनुसार, निप्पॉन, एक्सिस और पीजीआईएम जैसे फंड हाउस एसआईपी के साथ अपनी कुछ योजनाओं (आमतौर पर इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी हाइब्रिड योजनाओं) के लिए मुफ्त जीवन बीमा कवर प्रदान करते हैं।

निवेश डॉट कॉम के गर्ग बताते हैं कि म्यूचुअल फंड द्वारा कुछ स्पेसिफाएड प्रवेश आयु है, जो एक फंड से दूसरे फंड के लिए अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए न्यूनतम प्रवेश आयु 18 वर्ष है और अधिकतम 51 वर्ष है और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के मामले में बीमा कवर 55 वर्ष की आयु में समाप्त हो जाता है।

SIP बीमा से निवेशकों को क्या लाभ मिलता है?

एसआईपी बीमा के साथ बीमा कवर तब शुरू होता है जब निवेशक अपनी एसआईपी किस्तें शुरू करते हैं। बता दें कि इसकी कोई प्रतीक्षा अवधि नहीं होती। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के उदाहरण का हवाला देते हुए गर्ग बताते हैं कि बीमा कवरेज पहले वर्ष के लिए एसआईपी किस्त राशि का 10x, दूसरे वर्ष में 50x और तीसरे वर्ष से 120x है। अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये है। यदि एसआईपी राशि 10,000 रुपये है, तो निवेशक निम्नलिखित बीमा कवरेज का हकदार होगा। जैसे-

वर्ष 1: Rs. 10,000 x 10 = Rs 1,00,000
वर्ष इन्वेस्टमेंट प्लान्स क्या है? 2: Rs. 10,000 x 50 = Rs 5,00,000
वर्ष 3: Rs. 10,000 x 120 = Rs 12,00,000

गर्ग कहते हैं कि अगर किस्त की राशि 1,00,000 रुपये प्रति माह थी, तो कवर की अधिकतम राशि 50 लाख रुपये तक सीमित होगी।

(Disclaimer: Republic Bharat यूजर को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करने की सलाह देता है।)

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