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Current और Saving Account क्या है

Current Account Meaning in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम आपको करेंट एकाउंट का मीनिंग (मतलब) बताएंगे। अगर आपको भी करेंट का क्या मतलब होता है, इसकी तलाश है तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पढ़ रहे हैं, इस पोस्ट में करेंट एकाउंट से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी।

करेंट एकाउंट का हिंदी में मीनिंग चालू खाता होता है। ये एक ऐसा अकाउंट होता है जिसमें हर समय लेंन देंन किया जाता है। जैसेकि इसका नाम ही (Current Account) चालू खाता है।

यह खाता मुख्य रूप से, बिजनेसमैन, व्यवसायियों, कंपनियों, फर्मों, दुकानदारों, सार्वजनिक उद्यमों आदि के लिए होता है, जिसमे दैनिक लेनदेन होता है।

What is Current Account in Hindi

करेंट एकाउंट का मतलब चालू खाता होता है। यह खाता कंपनी या कारोबारियों, बिजनेसमैन के लिए होता है। क्योंकि इनको रोजाना पैसों के लेनदेन की जरूरत होती है। जंहा पर पैसों का लेनदेन बड़े स्तर पर होता है, वहां पर लोग करेंट अकाउंट का इस्‍तेमाल किया जाता है।

करेंट अकाउंट बिजनेस और व्यवसाय चलाने वाले लोगों के लिए एक इस तरह का बैंक खाता होता है, जोकीं रोजमर्रा के बिजनेस से संबंधित ट्रांजेक्‍शन करने की सहूलियत देता है।

करेंट अकाउंट में डाले गए पैसे को किसी भी समय बैंक की शाखा या एटीएम से निकाला जा सकता है। इसमें तरह के खाते में कोई बंदिश नहीं होती है। खाताधारक इस खाते में से कितनी भी बार चाहें पैसे को निकाल और जमा कर सकते हैं। यानीकि चालू खाते में से आप अपनी इच्छानुसार दिन में जितने चाहें उतनी बार लेनदेन कर सकते हैं।

इस एकाउंट का इस्‍तेमाल इलेक्‍ट्रॉनिक ट्रांजिक्शन या चेक ट्रांजेक्‍शन (Transitation) के लिए होता है।

Benefits of Current Account in Hindi

करंट अकाउंट में डिमांड ड्राफ्ट की सुविधा से पैसा जमा करना व ट्रांसफर कर बहुत आसान हो जाता है। इसमें बैंक अकॉउंट होल्डर को डोर स्टेप बैंकिंग, टेलिफोनिक बैंकिंग, ऑनलाइन बैंकिग जैसी सुविधाएं देते हैं। इस अकाउंट से आप लोन भी ले सकते हैं। इसके करंट एकाउंट होल्डर देश में कहीं भी किसी भी ब्रांच से लेनदेन कर सकते हैं।

इस खाते से आप चाहें जितनी बार लेन- देन करें।

Current Account और सेविंग एकाउंट में अंतर

सेविंग अकाउंट अकेले या जॉइंटली खुलवाया जा सकता। इस पर लगभग 4 से 6 फीसदी तक ब्याज मिलता है। ज्यादातर बैंक में इस खाते को ओपेन रखने के लिए मिनिमम राशि कहते में रखना जरूरी होता है। सेविंग अकाउंट भी कई तरह के होते हैं जैसे रेगुलर सेविंग अकाउंट, जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट, सैलरी सेविंग अकाउंट, और सीनियर सिटीजन सेविंग एकाउंट।

वंही करेंट एकाउंट रेगुलर ट्रांजेक्शन के लिए सही रहता है। यह अकाउंट उन लोगों के लिए है जो बिजनेस करते हैं या रोजाना ट्रांजेक्शन करते हैं। ये अकाउंट ज्यादातर बिजनेस आर्गेनाइजेशन, फर्म, कपनी आदि रखते हैं। इसमें खाते में पैसा जमा कराने और निकालने की भी कोई लिमिट नहीं होती है। करंट खाताधारकों को जमा पैसे पर कोई ब्याज नहीं मिलता है।

Current और Saving Account क्या है – चालू खाता और बचत खाता की जानकारी हिंदी में

आज के समय में पैसे कमाना बहुत ही मुश्किल काम है इसलिए हर व्यक्ति अपने भविष्य के लिए थोड़ी बहुत सेविंग करता है क्यूंकि आने वाले समय का कुछ पता नहीं होता है कब कैसी परिस्थिति हमारे सामने आ जाए। अपने पैसे की सेविंग करने के लिए हम सभी लोग ज़्यादातर बैंको में ही पैसे जमा करते हैं। इसलिए जब हम बैंक अकाउंट खुलवाने जाते हैं तो हमारे सामने दो ऑप्शन आते हैं Current और Saving Account। ज़्यादातर लोगो को बैंक से रिलेटेड जानकारी नहीं होती हैं तो चलिए फिर आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से Current और Saving Account से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करें। यदि आप भी अपना Current और Saving Account करंट अकाउंट क्या होता है खुलवाना चाहते हैं और आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

Current And Saving Account

करंट अकाउंट का उपयोग ज्यादातर कारोबारी फर्म कंपनियां सार्वजनिक उद्यमों एवं बिजनेसमैन आदि करते हैं क्योंकि इन लोगों को दिन भर में कई बार बैंक से लेनदेन करने की आवश्यकता पड़ती है। इस अकाउंट के माध्यम से आप प्रतिदिन कितना भी लेनदेन कर सकते हैं। इस अकाउंट में आपको कोई ब्याज नहीं दिया जाता। ज़्यादातर लोग प्रतिदिन हजारों लेन देन फ्री में करवाने के लिए ही यह खाता खुलवाते हैं। इस अकाउंट से कारोबारी अपने टर्नओवर मुनाफे आदि से ओवरड्राफ्ट भी कर सकते हैं क्योंकि ओवरड्राफ्ट इसका सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इस अकाउंट में आप जितनी बार चाहे रकम निकाल और जमा कर सकते हैं। वैसे तो चालू खाता कोई भी साधारण व्यक्ति खोल सकता है लेकिन इसके अलावा

किसी प्रमुख व्यक्ति सिंगल अथवा जॉइंट रूप में , सोशल प्रोप्राइटरी , सिंगल फर्म , पार्टनरशिप फर्म , हिंदू अन डिवाइडेड फैमिली , लिमिटेड कंपनी , क्लब , सोसायटी , ट्रस्ट , एग्जीक्यूटिव , एडमिनिस्ट्रेटर एवं अन्य सरकारी अथवा अर्ध सरकारी संस्थाओं , स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा चालू खाता खुलवाया जा सकता है।

करंट अकाउंट क्या होता है

आज के समय में आपका बैंक अकाउंट होना बेहद जरूरी हो गया है। किसी भी प्रकार के निवेश के लिए या अपने पैसों को सुरक्षित रखने के लिए आपको बैंक शाखा में जाकर अपना बैंक अकाउंट खोलने के लिए जरुरी मेथड से होकर गुजरना पड़ता है। आपको अपनी अकाउंट को खुलवाने के लिए जरुरी डॉक्यूमेंट अपने साथ रखने होते हैं क्यूंकि जब भी आप अपना बैंक खाता खुलवाते हैं तो आपसे आपकी जानकारी को लेने के लिए कुछ इंपोर्टेंट डाक्यूमेंट्स को लिया जाता है। आज यहाँ इस पोस्ट में हम आपको अपना बैंक खाता कैसे खुलवाना है? बैंक में खाता कैसे खोले? और बैंक अकाउंट के कितने टाइप होते हैं? इसके बारे में बताएँगे। बड़ी ही आसान और सरल रूप से आपको इसकी जानकारी दी जाएगी और आप आसानी से समझ भी जायेंगे।

बैंक में खाता कैसे खोले | क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए | फॉर्म कैसे भरे

बैंक में खाते के प्रकार (Types of Account in Bank)

मुख्य रूप से बैंक अकाउंट 4 तरह के होते हैं और इनको अलग-अलग नाम से जाना जाता है, यदि आप नेट बैंकिंग का यूज़ कर रहे हैं तो आप सभी तरह के अकाउंट को एक ही जगह पर मैनेज कर सकते हैं जो की आपके लिए किसी भी प्रकार के लेनदेन के लिए आसान होता है। आइये पहले हम यह जान करंट अकाउंट क्या होता है लेते हैं क़ि बैंक अकाउंट कितनी तरह के होते हैं, तो आपको हम बता देते है कि बैंक अकाउंट तीन तरह के होते हैं –

  • Saving accounts (बचत खाता)
  • Current account (चालू खाता)
  • Recurring account /deposit (इसे RD के नाम से भी जानते हैं)
  • Fixed deposit account (इसे शार्ट में FD कहा जाता है)

सेविंग अकाउंट क्या होता है?

Saving accounts को हिंदी में बचत खाता कहा जाता है। इस प्रकार के अकाउंट पर्सनल बैंकिंग के लिए बेहतर विकल्प होते हैं। आप इसमें अपनी सेविंग को सुरक्षित रख सकते हैं। आपकी सेविंग पर आपको यानि अकाउंट होल्डर को कुछ बैंकों द्वारा निर्धारित ब्याज दर भी प्रदान किया जाता है। हर बैंक अपने ग्राहकों को उनके सेविंग अकाउंट खुलवाने के लिए Zero Balance Account की सुविधा देते हैं यानी की आपको अपना खाता खुलवाने के लिए मिनियम बैलेंस की जरुरत नहीं होती।वे कुछ बैंक में आपको अपना खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम राशि की आवश्यकता होती है। सेविंग अकाउंट के अंदर आपको एक लिमिटेशन में लेनदेन करना होता है। इसका उपयोग आप व्यापारिक काम यानि बिजनेस के लिए नहीं कर सकते।

Current और Saving Account क्या है – चालू खाता और बचत खाता की जानकारी हिंदी में

आज के समय में पैसे कमाना बहुत ही मुश्किल काम है इसलिए हर व्यक्ति अपने भविष्य के लिए थोड़ी बहुत सेविंग करता है क्यूंकि आने वाले समय का कुछ पता नहीं होता है कब कैसी परिस्थिति हमारे सामने आ जाए। अपने पैसे की सेविंग करने के लिए हम सभी लोग ज़्यादातर बैंको में ही पैसे जमा करते हैं। इसलिए जब हम बैंक अकाउंट खुलवाने जाते हैं तो हमारे सामने दो ऑप्शन आते हैं Current और करंट अकाउंट क्या होता है Saving Account। ज़्यादातर लोगो को बैंक से रिलेटेड जानकारी नहीं होती हैं तो चलिए फिर आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से Current और Saving Account से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करें। यदि आप भी अपना Current और Saving Account खुलवाना चाहते हैं और आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

Current And Saving Account

करंट अकाउंट का उपयोग ज्यादातर कारोबारी फर्म कंपनियां सार्वजनिक उद्यमों एवं बिजनेसमैन आदि करते हैं क्योंकि इन लोगों को दिन भर में कई बार बैंक से लेनदेन करने की आवश्यकता पड़ती है। इस अकाउंट के माध्यम से आप प्रतिदिन कितना भी लेनदेन कर सकते हैं। इस अकाउंट में आपको कोई ब्याज नहीं दिया जाता। ज़्यादातर लोग प्रतिदिन हजारों लेन देन फ्री में करवाने के लिए ही यह खाता खुलवाते हैं। इस अकाउंट से कारोबारी अपने टर्नओवर मुनाफे आदि से ओवरड्राफ्ट भी कर सकते हैं क्योंकि ओवरड्राफ्ट इसका सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इस अकाउंट में आप जितनी बार चाहे रकम निकाल और जमा कर सकते करंट अकाउंट क्या होता है हैं। वैसे तो चालू खाता कोई भी साधारण व्यक्ति खोल सकता है लेकिन इसके अलावा

किसी प्रमुख व्यक्ति सिंगल अथवा जॉइंट रूप में , सोशल प्रोप्राइटरी , सिंगल फर्म , पार्टनरशिप फर्म , हिंदू अन डिवाइडेड फैमिली , लिमिटेड कंपनी , क्लब , सोसायटी , ट्रस्ट , एग्जीक्यूटिव , एडमिनिस्ट्रेटर एवं अन्य सरकारी अथवा अर्ध सरकारी संस्थाओं , स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा चालू खाता खुलवाया जा सकता है।

Saving account और current account क्या है ? इनमें क्या अंतर है ?

सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट क्या होते हैं और इन दोनों में क्या अंतर होता है?

दोस्तों अगर आपका किसी भी बैंक में बैंक खाता है तो जरूर आपने कभी न कभी सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट का नाम जरूर सुना ही होगा या आप जब कभी किसी भी बैंक के एटीएम मशीन से पैसा निकालते हैं तो एटीएम मशीन में आपसे आपके खाते का प्रकार जरूर पूछा जाता है, जैसे आपका सेविंग अकाउंट है या करंट अकाउंट है , ये आपको बताना होता है ऐसे में क्या आपने कभी नोटिस किया है कि ये सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट क्या होते हैं ? अगर आप इस चीज को नहीं जानते हैं तो आप अपने खाते से जुड़े हुए कई कामो को करते समय गलतियाँ कर सकते हैं जैसे जब आपसे एटीएम मशीन में पूछा जाये की आपका किस प्रकार का अकाउंट है सेविंग या करंट लेकिन यदि आपको नहीं पता है की ये सेविंग अकाउंट क्या है और करंट अकाउंट क्या है? तो उस समय आप किसी गलत विकल्प को चूस कर लेंगे और आपका काम नहीं हो पायेगा जैसे यदि आपका सेविंग अकाउंट है और आपने एटीएम मशीन में करंट अकाउंट वाले विकल्प को सेलेक्ट किया तो एटीएम मशीन में आपका Transaction कैंसिल हो जायेगा या |

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