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Top 6 Cryptocurrency in India

Top 6 Cryptocurrency in India | 2022 में ये है 6 सबसे पॉप्युलर क्रिप्टोकरेंसी

जैसे-जैसे cryptocurrency में रुचि बढ़ती जा रही है, क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता और बड रही है। क्रिप्टोक्यूरेंसी के संदर्भ में “क्रिप्टो” शब्द जटिल क्रिप्टोग्राफी को संदर्भित करता है जो डिजिटल मुद्राओं के विकास और प्रसंस्करण के साथ-साथ विकेंद्रीकृत प्रणालियों के माध्यम से उनके लेनदेन को दर्शाता है |

हाल ही कुछ दिनों में क्रिप्टो बाजार में अच्छा खासा उतर चडाव आया है और मार्केट क्रेश हुई थी और अब वापिस उसी दिशा में आ रही है |

Most Popular Top 6 Cryptocurrency 2022

Table of Contents

Bitcoin [BTC]

Cryptocurrency की दुनिया में सर्वप्रथम बिटकोइन क नाम आता है इसकी शुरूआत 2009 में सतोशी नाकमोटो के द्वारा की गई थी | यह मूल cryptocurrency है जो ब्लॉकचेन पर आधारित है इस ब्लॉकचेन को बनाने के लिए हजारों कंप्यूटर के नेटवर्क की आवश्यकता है |

बिटकॉइन की कीमत आसमान छू गई है क्योंकि यह एक घरेलू नाम बन गया है। पांच साल पहले, आप लगभग 500 डॉलर में बिटकॉइन खरीद सकते थे। अब 30 नवंबर, 2021 तक, एक बिटकॉइन की कीमत 57,000 डॉलर से अधिक थी। यानी करीब 11,400 फीसदी की वृद्धि।

मार्केट कैप: 200.08 ट्रिलियन से अधिक है

Ethereum [ETH]

Bitcoin के बाद अगर कोई coin आता है तो बो है Ethereum | और यह दूसरा सवसे लोकप्रिय coin है | इसके coin का नाम Ether है और यह Ethereum ब्लॉकचेन पर आधारित है | जब हम Ethereum प्लेटफ़ॉर्म क इस्तेमाल करते है तो Ethereum का भुगतान लिया जाता है |

इथेरियम ने भी जबरदस्त वृद्धि का अनुभव किया है। केवल पाँच वर्षों में, इसकी कीमत लगभग $11 से बढ़कर $4,700 से अधिक हो गई, जो 42,000% से अधिक हो गई।

मार्केट कैप: $557 बिलियन से अधिक है

Litecoin

लाइटकोइन एमआईटी के तहत जारी एक पीयर-टू-पीयर क्रिप्टोकुरेंसी और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट है litecoin भी बहुत प्रचलित coin में से एक है इसे bitcoin क प्रतिद्वंद्वी माना जाता है | इसका लेन-देन भी P2P (पीयर-टू-पीयर) नेटवर्क के जरिए होता है, इसका लेनदेन बित्कोइन से ज्यादा तेज होता है

Market cap: US$11.9 billion (August 2021)

आरबीआई गवर्नर बोले, अगला वित्तीय संकट क्रिप्टो से होगा

बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा आयोजित बीएफएसआई इनसाइट समिट 2022 में बोलते हुए, दास ने कहा कि उनका अभी भी मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि उनका कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है और व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम पैदा करता है।

डिजिटल रुपये के पायलट: आरबीआई ने लंबे समय से यह माना है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी स्थिरता के लिए खतरा है और वह इसके उपयोग को वैध बनाने के खिलाफ है।

उनका मुकाबला करने के लिए, केंद्रीय बैंक ने हाल ही में अपनी खुद की डिजिटल मुद्रा, डिजिटल रुपये के पायलट लॉन्च किए।

डिजिटल रुपये के खुदरा संस्करण के लिए पायलट 1 दिसंबर भारत की क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है को शुरू हुआ, जिसमें भाग लेने वाले ग्राहकों और व्यापारियों के एक बंद उपयोगकर्ता समूह में चुनिंदा स्थान शामिल थे।

थोक संस्करण के लिए पायलट नौ बैंकों के साथ साझेदारी में एक महीने पहले 1 नवंबर को शुरू हुआ था। इस पायलट में, सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन को निपटाने के लिए डिजिटल रुपये का उपयोग किया जा रहा है।

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? (Why is Christmas Day celebrated?)

आपके मन मे यह सवाल जरूर होगा कि क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है तो हम आपको बताना चाहेंगे कि पौराणिक कथाओं के अनुसार नाजरेथ नामक स्थान पर एक मरियम नाम की महिला निवास किया करती थी जो स्वभाव में बहुत ही दयालु और मेहनती थी जो यूसुफ नामक आदमी से प्रेम किया करती थी। एक बार ईश्वर के द्वारा गेब्रियल नामक परी को मरियम के पास भेजा और बताया कि धरती पर एक बहुत ही महान आत्मा जन्म लेने वाली है जिससे ईश्वर का पुत्र कहा जायेगा और उसका नाम यीशु होगा।

जिसके बाद मरिया बहुत ही असमजत में पड़ गयी के उसके अविवाहित होते हुए उससे पुत्र की प्राप्ति कैसे होगी उस पर परी न मारिया को बताया कि यह ईश्वर का चमत्कार होगा उसने बताया कि उसके चचेरे भाई एलिज़ाबेथ को एक जॉन बैपटिस्ट नाम एक बच्चे होगा जो आगे चलकर यीशु के जन्म का कारण बनेगा।

इसके बाद मारिया की शादी यूसुफ से हो जाती है और दोनों बेथहलम आ गए जहाँ रहने का स्थान न मिलने के कारण इन्हें जानवरों के खलियान में रहना पड़ा वही यीशु के जन्म है। इस दिन दुनिया मे हर जगह खुशियां मनाई गई, गाने गाए गए। उसी दिन से क्रिसमस डे बनाया जाने लगा।

क्रिसमस डे कब मनाया जाता है? (When is Christmas Day celebrated?)

ईसाइयों का प्रमुख त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाता है जो दुनिया में सबसे बड़ा दिन माना जाता है इस दिन पूरे विश्व की छुट्टी रहती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार 25 दिसंबर को भी जीसस क्राइस्ट का जन्म हुआ था जिन्हें ईश्वर की संतान माना जाता है उन्हीं के नाम पर इस जिनका नाम कृष्ण बढ़ाओ पुलिस स्टाफ ईसाईयों का मानना है कि इस दिन सूर्य का पुनर्जन्म होता है।

क्रिसमस के दिन ईसाई क्रिसमस ट्री को सजाकर एक दूसरे के साथ मिठाइयां बांटते हैं इस दिन रात के समय चारों तरफ रंग बिरंगी रोशनी या देखने को मिलती हैं यह पूरे विश्व में सबसे लंबा मनाया जाने वाला त्यौहार है जो पूरे 12 दिन तक मनाया जाता है और हर दिन क्रिसमस में कुछ ना कुछ खास और नया देखने को मिलता है। यह त्यौहार ना सिर्फ इसाई बल्कि हिंदू धर्म के लोगों के द्वारा भी मनाया जाता है।

क्रिसमस ट्री का इतिहास (History of Christmas Tree)

क्रिसमस का दिन प्रेम और सोहार्द का त्यौहार है इस दिन सभी अपने अपने घरों में क्रिसमस ट्री को सजाते हैं जो दिखने में किसी पिरामिड के आकार का होता है इसका वास्तविक नाम सदाबहार है यह ब्रिज कभी भी सूखता नहीं है और ना ही इसके पत्ते कभी मुड़ जाते हैं यही वजह है कि इसे लंबी आयु का प्रतीक माना जाता है ऐसी मान्यता है कि इस पेड़ को सजाने से घर के बच्चों की आयु लंबी होती है ।

इसीलिए क्रिसमस के दिन हर घर में रंग बिरंगी लाइट और बल्ब को लगाकर क्रिसमस ट्री को तैयार करके क्रिसमस सेलिब्रेट किया जाता है इस परंपरा को सबसे पहले जर्मनी के द्वारा बीमार बच्चों को खुश करने के लिए किया गया था इसके अलावा कई कथाओं में यह सुनने को भी मिलता है कि जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था तो ईश्वर और देवताओं ने अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए सदाबहार के वृक्ष लगाएं थे।

क्रिसमिस ट्री से जुड़ी कुछ खास बातें

यदि आप अपने घर में यीशु का जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए क्रिसमस ट्री को सजाते हैं तो आपको इस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानकारी होना बेहद आवश्यक है जिनके बारे में हम आपको विस्तार पूर्वक नीचे सूचीबद्ध रूप में जानकारी प्रदान कर रहे है।

10 वीं शताब्दी में क्रिसमस ट्री को पहली बार जर्मनी मैं बीमार बच्चों को खुश करने के लिए सजाया था इसके बाद 19वीं शताब्दी में इंग्लैंड के द्वारा क्रिसमस ट्री को सजाकर क्रिसमस को सेलिब्रेट किया गया था और धीरे-धीरे यह परंपरा पूरे विश्व में फैल गई जिसके बाद से ही आज सभी लोग क्रिसमस बनाने के लिए अपने घरों में क्रिसमस ट्री को सजाते हैं जिसे सजाने के लिए कई रंग बिरंगी लाइट बल्ब और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। तथा इसमें खाने की चीजें दी रखी जाती है।

स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं आ रहे हैं भारतीय संसद से

Parliament Of India

संसद के कामकाज के दिन कम करने के पीछे की मंशा क्या है? लगातार आठ बार से संसद (Parliament of India) के सत्रों की समय अवधि को घटाया जा रहा भारत की क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है है। 2020 से ही यह सिलसिला जारी है। संसद के शीतकालीन सत्र को एक हफ्ता पहले ही खत्म कर दिया गया। कारण बताया गया क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के मद्देनजर सदस्यों की यही भावना थी। 7 दिसंबर को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में 9 बिल पेश किए गए, लोकसभा में 7 विधेयक पास हुए और राज्यसभा में 9 विधेयक पास किए गए । संसद (Parliament of India) का शीतकालीन सत्र केवल 13 दिन ही चल पाया। इससे पहले 2020 का मॉनसून सत्र सबसे कम दिनों के लिए मात्र 10 दिन ही चल पाया था ।पिछले आठ संसद सत्रों में 36 दिनों के काम का नुकसान हो चुका है। पिछले 50 साल की बात करें तो संसद की बैठको की संख्या निरंतर घटती जा रही है जो अब घटकर लगभग आधी रह गई है। 2020 के बजट सत्र के बाद 8 बार सत्र को समय से पहले खत्म कर दिया गया , इसमें करोना भी एक कारण रहा। लेकिन यह कारण सरकार के बाकी कार्यक्रमों या चुनावों पर उतनी उतावली से लागू होता नजर नहीं आया। जाहिर है सरकार उन मुद्दों पर चर्चा कराने से बच रही है जिन पर वह असहज है। संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों ही सदनों में जब विपक्ष ने तवांग मामले पर चर्चा की मांग की, तो इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं करवाई गई। इससे पहले तवांग की घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में केवल 3 मिनट का बयान दिया था। क्या इस मुद्दे पर जनता को संसद में सरकार से सवाल का हक नहीं है? क्या यह इतना गंभीर मुद्दा नहीं है कि इस पर एक सार्थक बहस करवाई जाती?

टाटा ग्रुप करेगा बड़ी डील, निवेशको को होगा फायेदा

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आज के इस पोस्ट में आप सभी लोगों का। टाटा ग्रुप के बारे में कौन नहीं जानता जिसमें बहुत सारी कंपनियां हैं और यह भारत के उन चुनिंदा कंपनियों में से आती है जिसे हर भारतीय जानता है

टाटा कंपनी की कार और बस से आपको सड़क पर हर तरफ देखने को मिल जाती होंगी तो आप समझ सकते हैं कि इसकी पापुलैरिटी भारत भारत की क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है में कितनी ज्यादा है

Tata group will do big deal

इसी पापुलैरिटी को देखते हुए आज के आर्टिकल में हम इस शेयर के बारे में बात करने वाले हैं जिसमें 15% की तेजी देखी गई है और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि टाटा ग्रुप 1 बड़ी डील करने वाली है। तो चलीए जानते हैं कि यह कौन सी डील है?

बड़े इनवेस्टर ने डील के लिए दी मंजूरी: UTI AMC में 45.16 पसेंट की हिस्सेदारी संयुक्त रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ है

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